Type Here to Get Search Results !

गर्भवती महिला की कहानी | Pregnant Woman Story in Hindi

 एक गर्भवती महिला ने अपने पति से कहा, “आप क्या आशा करते है? लड़का होगा की लड़की?”

 पति: अगर हमारा लड़का होता है, तो मैं उसे गणित पढ़ाऊंगा। हम खेलने जाएंगे। मैं उसे मछली पकड़ना सिखाऊंगा।

 पत्नी: अगर लड़की हुई तो?

पति: अगर हमारी लड़की होगी, तो मुझे उसे कुछ सिखाने की जरुरत ही नहीं होगी। क्यूंकि वह सभी में से एक होगी, जो सब कुछ मुझे दुवारा सिखाएगी। कैसे पहनना, कैसे खाना, कैसे कहना या नहीं कहना। एक तरह से वह मेरी दूसरी माँ होगी। वह मुझे अपना हीरो समझेगी, चाहे मैं उसके लिए कुछ करुँ या न करुँ। जब भी मैं उसे किसी चीज के लिए मना करूँगा, तो वह मुझे समझेगी। वह हमेशा अपनी पति की मुझसे तुलना करेगी। यह मायने नहीं रखता की वह कितनी भी साल की हो,  हमेशा चाहेगी की मैं उसे अपने बेबी डॉल की तरह प्यार करूँ। वह मेरे लिए संसार से लड़ेगी। जब कोई मुझे दुःख देगा, वह उसे कभी माफ़ नहीं करेगी।

 पत्नी: कहने का मतलब है की आपकी बेटी जो सब करेगी, वह आपका बेटा नहीं कर पाएगा?

 पति: नहीं नहीं। क्या पता मेरा बेटा भी ऐसा ही करेगा, पर वह सीखेगा। परन्तु बेटी इन गुणों के साथ पैदा होगी किसी बेटी का पिता होना हर व्यक्ति के लिए गर्ब की बात है।

 पत्नी: (मंद आवाज में) पर वह हमेशा हमारे साथ नहीं रहेगी।

 पति: हाँ। पर हम हमेशा उसके दिल में रहेंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, चाहे वह कही भी जाए। बेटियां परी होती है जो सदा बिना शर्त के प्यार और देखभाल के लिए जन्म लेती है।

 दोस्तों बेटियां सबके मुकद्दर में कहाँ होती है। जो घर खुद को पसंद हो, बेटियां वही होती है। बेटियां भगवान की अनमोल भेंट है।

 हर बेटी अपने पापा से सबसे ज्यादा प्यार क्यों करती है? क्यूंकि वह जानती है की संसार में उसके पापा ही एक ऐसे बव्यक्ति है, जो उसे कभी दुखी देखना नहीं चाहते। किसी भी परिवार में पापा को डाटने का अधिकार बेटी का ही होता है। क्यूंकि जिसे प्यार किया जाता है उसे ही डाटा जा सकता है।

 बेटी जब बिश बाइश की होने लगती है उसके बाद एक पिता का अपनी बेटी के प्रति प्रेम और भी ज्यादा बढ़ने लगती है। बेटी कभी माँ बनेगी, कभी दादी पर दोस्त तो सदैब बनी रहेगी। बेटी का सुख एकपापा की होठों की मुस्कान है। पापा के दुःख में बेटी हतेली बनकर आँखों के आंसू पोछती है।

 देखते ही देखते पता नहीं चलता की बेटी बड़ी हो जाती है और एक दिन सुहाग का जोडा पहनकर विदा हो जाती है। विदा होते ही जब एक बेटी अपने पापा से कहती है, “पापा मैं जा रही हूँ, अपना ख़याल रखना।” और तब एक पापा अपने आँखों से आंसुओ को रोक नहीं पाते।

 हर एक पापा को भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए की, “हे प्रभु, संसार के सभी पुरुषों को सयाना और समजाहदर बनाना। क्यूंकि उनमे से एक मेरी बेटी का पति बनेगा। संसार के सभी स्त्रिओं को बहुत प्रेम में बनाना। क्यूंकि ऊनि में से कोई एक मेरी बेटी की सास या ननद बनेगी।”

 अंत में यही कहना चाहूंगा, यदि आपके घर में बेटी नहीं है तो पापा बेटी के घनिष्ठता के बारे में नहीं जान सकते। बस इतना सा ख़याल रखना चाहिए की पुत्रबधु बेटी की तरह रहे और बेटी को उसके पापा के बारे में कुछ कटुबचन न कहा जाए। क्यूंकि एक बेटी भगवान के बिरुद्ध सुन सकती है लेकिन अपने पापा के बारे में कभी नहीं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.